आजकल सामाजिक और राष्ट्रीय स्वास्थ्य की स्थिति कुछ स्पष्ट नहीं है ।
टिक-टिक करती घड़ी देखिए
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कैसे सब को मूर्ख बनाया ,
उन जुमलों की झड़ी देखिए ।
जो जन कल तक तड़ीपार थे,
उन सब की नित तड़ी देखिए ।
नाटक करता न्याय नपुंसक,
बस सत्ता की हेकड़ी देखिए ।
जन-आक्रोश फूटने को है,
टिक-टिक करती घड़ी देखिए !
टिक-टिक करती घड़ी देखिए
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कैसे सब को मूर्ख बनाया ,
उन जुमलों की झड़ी देखिए ।
जो जन कल तक तड़ीपार थे,
उन सब की नित तड़ी देखिए ।
नाटक करता न्याय नपुंसक,
बस सत्ता की हेकड़ी देखिए ।
जन-आक्रोश फूटने को है,
टिक-टिक करती घड़ी देखिए !
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