Tuesday, July 13, 2021

 तूं भी तै शामिल सै


भारत माँ के पूत लाडले क्यूं हो रह्या गाफिल सै ।

जिन्दगी के इस सफ़र में तूं भी तै शामिल सै ।


जो मेहनत तै काम करैं तै मिट ज्या घोर उदासी ।

पड़ती धरती सोना उगलै आमदनी हो खासी ।

निर्धन-दलित जनां की फौरन कटै कर्ज की फांसी ।

भई शोषक-साहूकार रहै ना सामंती सत्यानासी ।

इस देस के बच्चे बच्चे नै, जीवण का हक हासिल सै ।1।


भारत माता की प्रतिष्ठा जग मैं सभ तैं उंच्ची सै ।

जाति-पाति के झगड़े आली राजनीति टुच्ची सै ।

आपस के झूठे झगड़यां नै भई जड़ म्हारी काटी सै ।

सभ भारतवासी बणे बराबर भारत की माटी तै ।

अमर शहीदों की जै बोलो दूर नहीं मंज़िल सै ।2।


बलिदानां मैं तपता आया भारता का पाणी सै ।

हर बच्चा प्रताप-शिवा, हर नारी क्षत्राणी सै ।

मिलैं मुहम्मद-शंकर-ईसा-महबीर के हाणी सै ।

नानक-सूर-कबीर और मीरा तुलसी-बुद्ध की वाणी सै ।

मानव-प्रेम अमर भई साधो, क्यूं हो रह्या संगदिल सै ।3।


बढो जवानो, उठो किसानों, देखैगा संसार ।

भेद भाव नै भूल कै सारे जग मैं बांटो प्यार ।

शक्तिशाली देश रहै तो पूजैगा सन्सार।

प्रेम -प्रगति सुखमय जीवन के सच्चे आधार ।

बलबीरसिंह भई समझणियां नै नया लुतफ हासिल सै ।


बलबीर

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