Monday, November 4, 2019

सत्ता-पक्ष और विपक्ष…

सत्ता-पक्ष और विपक्ष,
हैं ठग-विद्या में दोनों दक्ष ।
इन दोनों का एक है लक्ष्य,
जन-धन ही है इन का भक्ष्य !!
………………………………
इक नागनाथ ,इक सांपनाथ,संग में चुस्त सपोले ,
पर चूहा-चूजा-चिड़ी-कबूतर सब हैं कितने भोले !
………………………………………………
नेताओं की नीयत खोटी और धन्धे हैं काले ।
रोटी-कुटी-लँगोटी जन की पड़े हुए हैं लाले  !!
……………………………………… ……
नेता घड़ियाली आँसू बहाएं दुखी-जनों को देख कर ।
फिर चूल्हा बुझा देते हैं उनका अपनी रोटी सेंक कर  ।।
………………………………………………
नेताओं के नाटकीय छल जनता को मोहते हैं ।
भोली जनता को ये नेता पटक-पटक धोते हैं ।।

No comments:

Post a Comment